वाइस एडमिरल विनय बधवार, ए0वी0एस0एम0, एन0एम0, मुख्य जल सर्वेक्षक, भारत सरकार

वाइस एडमिरल विनय बधवार का जन्म 1961 में हुआ। उन्होंने 1978 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में ज्वाइन किया। उन्होंने भारतीय नौसेना में 01 जुलाई 1982 को कमीशन प्राप्त किया। तत्पश्चात् एक विध्वंसक पोत पर वाच कीपिंक पूर्ण करने के बाद, एक गश्ती नौका के नौचालन अधिकारी नियुक्त हुए। वहाँ से उन्होंने जल सर्वेक्षण शाखा का चयन किया और गोवा के राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संस्थान से बुनियादी जल सर्वेक्षण पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद दो सर्वेक्षण पोतों, भारतीय नौसेना पोत ’दर्शक’ और भारतीय नौसेना पोत ‘मेष’ पर सर्वेक्षण कार्य किया। उन्होंने भारतीय नौसेना पोत ’मेष’ पर अपने कार्यकाल के दौरान जहाज के गोताखोर के रूप में भी योग्यता प्राप्त की। इन नौसेना पोतों पर अनुभवों के पश्चात् उन्हें हाईकूप (HYCOOP) कार्यक्रम के लिए गल्फ पोर्ट, यू0एस0ए0 में प्रतिनियुक्त किया गया। इसके बाद वर्ष 1987 में हाइड्रोग्राफी में विशेषज्ञता प्राप्त करनें के बाद उन्होंने सर्वेक्षण पोतों पर विभिन्न नियुक्तियों के साथ भारतीय नौसेना पोत ’सतलज’ के कार्यकारी अधिकारी और उसके बाद राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संस्थान, गोवा में एक प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया। उन्होंने तीन सर्वेक्षण पोतों भारतीय नौसेना पोत जमुना, इन्वेस्टीगेटर  और सर्वेक्षक को कमान किया और जल सर्वेक्षण विभाग एवं नौसेना मुख्यालय में भी विभिन्न कार्मिक नियुक्तियों पर रहे। समयन्तरालों के दौरान वे रक्षा सेवा स्टाफ कालेज, वेलिंगटन और नौसेना युद्व कालेज, मुंबई में पाठ्यक्रम पूरे किये। आई0एच0ओ0 क्षमता निर्माण उप समिति की उत्पत्ति से ही वे उसके सदस्य हैं और वे उत्तर भारतीय महासागर जल सर्वेक्षण आयोग के INT चार्ट समन्वयक (भारत) के लिए संपर्क बिन्दु हैं। उन्होंने सर्वेक्षण के 31 वर्षों के माध्यम से व्यापक अनुभव प्राप्त किये। इनमें कच्छ तथा खंभात की खाड़ी अण्डमान और निकोबार द्वीपों के चुनौतीपूर्ण वातावरण में सर्वेक्षण भी शामिल हैं। उन्होंने एक कमान अधिकारी के रूप में विदेशों में भी सर्वेक्षण किया है। उन्हें अन्तर्राष्ट्रीय चार्टिंग के विभिन्न पहलुओं सहित जल सर्वेक्षण एवं डिजिटल कार्टोग्राफी का गहरा ज्ञान है।

वाइस एडमिलरल विनय बधवार के परिवार में पत्नी श्रीमती अमृता बधवार और उनकी दो पुत्रिया सुश्री कृति बधवार और सुश्री सृष्टि बधवार हैं।