भारतीय जल सर्वेक्षण विभाग में आपका स्वागत है। 

भारतीय नौसेना जल सर्वेक्षण विभाग भारत सरकार के मुख्य जल सर्वेक्षक के अधीन कार्य करता है। भारत में जल सर्वेक्षण एवं नौपरिवहन चार्टों के लिए नोडल एजेन्सी के रूप में यह विभाग एक सुस्थापित संगठनात्मक व्यवस्था है। इसके पास स्वेदशी स्तर पर निर्मित सात आधुनिक सर्वेक्षण पोत हैं, जिनमें अत्याधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों से लैस एक केटमरान हल सर्वेक्षण पोत भी शामिल है और एक सुस्थापित राष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संस्थान है, जिसे आई0एच0ओ0 द्वारा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षुओं को जल सर्वेक्षण में प्रशिक्षण देने के केन्द्र के रूप में  मान्यता दी गयी है।  

सर्वेक्षण कार्य जल सर्वेक्षण के लिए आई0एच0ओ0 मानक (एस-44) के कठोर मानकों के अनुसार संचालित किये जाते हैं। जल सर्वेक्षण विभाग की भारतीय जल के लिए आधिकारिक इलेक्ट्रानिक नौपरिवहन चार्ट बनानें में अग्रणी भूमिका है। आई0एन0एच0डी0 दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए प्रतिबद्व है और क्षेत्र के देशों और कुछ दक्षिण अफ़्रीकी देशों के कार्मिकों को प्रशिक्षण देता है। विभाग ने अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग के तहत संबद्व देश का जल सर्वेक्षण करने के लिए विभिन्न देशों के साथ समझौता ज्ञापन (MoV) पर भी हस्ताक्षर किये हैं।

भारत सरकार के मुख्य जल सर्वेक्षक नवएरिया आठ(NAVAREA VIII) के समन्वयक हैं तथा भारत के तट पर नवटैक्स सेवाओं के राष्ट्रीय समन्वयक हैं।

भारत सरकार के मुख्य जल सर्वेक्षक नवएरिया आठ(NAVAREA VIII) के समन्वयक हैं तथा भारत के तट पर नवटैक्स सेवाओं के राष्ट्रीय समन्वयक हैं।

Origins of Hydrography in India

क्षेत्र में जल सर्वेक्षण के माध्यम से समुद्री समुदाय की नौपरिवहन सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सही और अद्यतनज जल सर्वेक्षणीय उत्पादों और सुरक्षा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित् करना।  

शासनादेश

विभाग का शासनादेश अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों और राष्ट्रीय नियमों जैसा कि निम्नलिखित में सूचीबद्व है, के अनुसार निर्धारित है।

  • आई0एम0ओ0 सोलास अध्याय पॉंच
  • आई0एम0ओ0 कन्वेंशन ऑन चार्टिंग
  • संयुक्तराष्ट्र आम सभा संकल्प
  • भारतीय व्यापारी शिपिंग अधिनियम, 1958
  • भारत सरकार के व्यापार नियम, 1961
  • नौसेना के लिए नियम

उद्देश्य

भारतीय नौसेना जल सर्वेक्षण विभाग (आई0एन0एच0डी0) के उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • अचूक जल सर्वेक्षण करना।
  • नौचालकों को वास्तविक, सही और अद्यतन नौपरिवहन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, सरकारी एवं गैर सरकारी उपक्रमों को जल सर्वेक्षण सेवांए प्रदान करना।
  • हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में गुणवत्ता परक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • हमारे उत्पादों द्वारा उपयोगकर्ताओं की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित करना।
  • जल सर्वेक्षण के क्षेत्र में समुद्री राष्ट्रों को पूर्णतः सहयोग देना।

उद्देश्य

भारतीय नौसेना जल सर्वेक्षण विभाग (आई0एन0एच0डी0) के उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • अचूक जल सर्वेक्षण करना।
  • नौचालकों को वास्तविक, सही और अद्यतन नौपरिवहन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, सरकारी एवं गैर सरकारी उपक्रमों को जल सर्वेक्षण सेवांए प्रदान करना।
  • हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में गुणवत्ता परक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • हमारे उत्पादों द्वारा उपयोगकर्ताओं की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित करना।
  • जल सर्वेक्षण के क्षेत्र में समुद्री राष्ट्रों को पूर्णतः सहयोग देना।

उद्देश्य

भारतीय नौसेना जल सर्वेक्षण विभाग (आई0एन0एच0डी0) के उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • अचूक जल सर्वेक्षण करना।
  • नौचालकों को वास्तविक, सही और अद्यतन नौपरिवहन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, सरकारी एवं गैर सरकारी उपक्रमों को जल सर्वेक्षण सेवांए प्रदान करना।
  • हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में गुणवत्ता परक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • हमारे उत्पादों द्वारा उपयोगकर्ताओं की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित करना।
  • जल सर्वेक्षण के क्षेत्र में समुद्री राष्ट्रों को पूर्णतः सहयोग देना।

Vision

क्षेत्र में जल सर्वेक्षण के माध्यम से समुद्री समुदाय की नौपरिवहन सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए सही और अद्यतनज जल सर्वेक्षणीय उत्पादों और सुरक्षा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित् करना।  

शासनादेश

विभाग का शासनादेश अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों और राष्ट्रीय नियमों जैसा कि निम्नलिखित में सूचीबद्व है, के अनुसार निर्धारित है।

  • आई0एम0ओ0 सोलास अध्याय पॉंच
  • आई0एम0ओ0 कन्वेंशन ऑन चार्टिंग
  • संयुक्तराष्ट्र आम सभा संकल्प
  • भारतीय व्यापारी शिपिंग अधिनियम, 1958
  • भारत सरकार के व्यापार नियम, 1961
  • नौसेना के लिए नियम

उद्देश्य

भारतीय नौसेना जल सर्वेक्षण विभाग (आई0एन0एच0डी0) के उद्देश्य इस प्रकार हैं

  • अचूक जल सर्वेक्षण करना।
  • नौचालकों को वास्तविक, सही और अद्यतन नौपरिवहन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय, सरकारी एवं गैर सरकारी उपक्रमों को जल सर्वेक्षण सेवांए प्रदान करना।
  • हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में गुणवत्ता परक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • हमारे उत्पादों द्वारा उपयोगकर्ताओं की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित करना।
  • जल सर्वेक्षण के क्षेत्र में समुद्री राष्ट्रों को पूर्णतः सहयोग देना।

क्रमांक

उपकरण

1

मल्टी बीम इको साउण्डर (गहरा और उथला)

2

सिंगल बीम इको साउण्डर (गहरा और उथला)

3

ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जी0पी0एस0)

4

डिफरेंशियल ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (डी0जी0पी0एस0)

5

मोशन सेंसर

6

कन्डक्टिविटी टेंपरेचर डेप्थ (सी0टी0डी0))

7

एकास्टिक डाप्लर करेन्ट प्रोफाइलर (ए0डी0सी0पी0)

8

करेन्ट मीटर

9

साइड स्कैन सोनार

10

टोटल स्टेशन

11

लेबल

12

आटोमैटिक टाइड गेज

13

साउण्ड वेलोसिटी प्रोफाइलर (एस0वी0पी0)

14

वाटर लेबल मीटर

15

आटोनोमस अण्डर वाटर व्हीकल (ए0यू0वी0)

16

रिमोटली आपरेटेड व्हीकल (आर0ओ0वी0)

Gallery of Honourable Moments

A year-wise archive capturing the proud legacy, milestones, and service highlights of the  National Hydrographic Office

The Chief Hydrographer performs a dual responsibiltiy, serving as the Chief hydrographer to the Govt of India, while simultaneously functioning as the Chief Hyrographer to the Indian Navy. The office of the Chief Hydrographer in addition to production of Nautical charts, ENCs and publications pertaining to Indian waters also discharges following prescribed mandates: -
  • Coordinator for ‘Area J’ for INT charts, as designated by the IHO.
  • Coordinator of NAVAREA VIII, as designated by the IHO.
  • National Coordinator for NAVTEX services.
  • Designated Class Authority for survey ships and units.
  • Conduct Hydrographic Survey Committee.
  • Member of 34 National Committees.
  • Undertake hydrographic surveys supporting port development.